आज त्योहार के मौके पर कुदीप जी ने थोड़ा अंडर ड्रेस किया उसके लिए एक कहावत है - और दिन चंगे, त्योहार के दिन नंगे।
कमलेश जी के कपड़ों का कलर कॉम्बिनेशन बड़ा लाइवली है - बिल्कुल जोधपुरी लड्डू।
और आसिफ साहब के लिए ये ख़ास लाइन्स-
सफ़ेद कुर्ते पर झिलमिलाते नुक़राई सितारे, तीन ताल के चाँद को देखकर, रश्क कर रहे हैं आसमान के चाँद-तारे।